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हार्दिक पांड्या को फंसाने की साजिश, ट्वीट विवाद में आया नया ट्विस्ट!

राजस्थान कोर्ट ने बुधवार को जोधपुर पुलिस को टीम इंडिया के ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिया था। पांड्या पर आरोप था कि उन्होंने डॉक्टर भीम राव आंबेडकर के संबंध में आपत्तिजनक ट्वीट किया था। अब यह खुलासा हुआ है कि वह ट्वीट क्रिकेटर के आधिकारिक अकाउंट से नहीं किया गया था।

Hardik Pandya to be booked for tweet insulting B. R. Ambedkar

भारतीय टीम के आलराउंडर हार्दिक पांड्या फरवरी में खत्‍म हुए दक्षिण अफ्रीका दौरे के बाद से ही आराम कर रहे हैं। उनकी गैर मौजूदगी में नए चेहरों के साथ रोहित शर्मा की अगुवाई में उतरी भारतीय टीम निदहास ट्रॉफी जीतने में कामयाब रही। अब अगले महीने पांड्या आईपीएल में खेलते हुए नजर आएंगे। इसी बीच पांड्या एक नए विवाद में फंसते हुए नजर आ रहे हैं। संविधान के रचयिता बाबा भीमराव अंबेडकर पर कथित तौर पर टिप्‍पणी करने के मामले में जोधपुर की अदालत ने पांड्या पर एससी/एसटी एक्‍ट के तहत एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है।

हार्दिक पांड्या पिछले साल 26 दिसंबर को हार्दिक पांड्या ने एक ट्वीट किया था। इस ट्वीट में कथित रूप से कहा गया, “कौनसा अंबेडकर? वो जिसने एक क्रास लॉ (कानूनी) का मसौदा तैयार किया या फिर वो जिसने उस रोग को फैलाया जिसे भारत में आरक्षण कहा जाता है।” अपने आप को भीम सेना का सदस्‍य बताने वाले राजस्‍थान के डीआर मेघवाल नामक शख्‍स ने पांड्या के इस ट्वीट से आहत होकर अदालत में एक याचिका लगाई थी। याचिका में कहा गया कि पांड्या ने उनके समुदाय के लोगों को अपमानित करने का प्रयास किया है। उनकी भावनाओं को इस कमेंट से चोट पहुंची है। इतने बड़े क्रिकेटर ने न सिर्फ उनके समुदाय का अपमान किया, बल्कि संविधान का भी अपमान किया।

हार्दिक पांड्या

ट्वीट में आंबेडकर की आलोचना की गई थी। यह ट्वीट @sirhardik3777 से किया गया जबकि पांड्या का आधिकारिक ट्विटर हैंडल @hardikpandya7 है। हालांकि, फेक अकाउंट फिलहाल डीएक्टिवेट या डिलीट कर दिया गया है।
इससे अपमानित महसूस करने वाले मेघवाल ने क्रिकेटर के खिलाफ मंगलवार को याचिका दर्ज की। राजस्थान के जालौर जिला में राष्ट्रीय भीम सेना के सदस्य होने का दावा करने वाले मेघवाल ने अपनी शिकायत में कहा कि मशहूर क्रिकेटर पांड्या ने न सिर्फ संविधान और संविधान के निर्माता बल्कि उनके समुदाय के लोगों की भावनाओं को भी ठेस पहुंचाई। हार्दिक पांड्याजोधपुर की अनुसूचित जाति-जनजाति मामलात अदालत के पीठासीन अधिकारी मधुसूदन शर्मा की अदालत ने क्रिकेटर हार्दिक पांड्या व लूणी थाने के थानाधिकारी राजेंद्र सिंह के खिलाफ पेश परिवाद में मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया है।
अधिवक्ता  डीआर मेघवाल ने अदालत में एससी एसटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के अलावा 124-क, 153-क, 295-क, 505, 120-बी आईपीसी के तहत परिवाद पेश किया था। आरोप है कि हार्दिक पांड्या ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर को लेकर सोशल मीडिया पर अभद्र व आपत्तिजनक टिप्पणी की है।

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